वैज्ञानिकों ने की एक अजीबो-गरीब खोज की है, जिसमें मध्य युग की महिलाओं के चेहरों की बनावट को लेकर स्टैचू बनाया है। इसके जरीए यह पता लगाया गया कि महिलाओं की खोपड़ी का आकार और चेहरा हू-ब हू पुरुषों से मिलती जुलती थी।
इस चेहरे के देखने के बाद यह पता लगाया जा सकता है कि 7000 साल पहले की महिलाओं की शक्ल बिलकुल पुरूषों की भांति दिखाई देती थी। माना जाता है कि उस युग की (Avgi) नाम की लड़की मरने से पहले 15-18 की रही होगी।
स्वीडन के पुरातत्ववेदी और शिल्पकार ऑस्कर नीलसन के मुताबिक, Avgi बहुत खास थी, उसकी मादा खोपड़ी और बनावट काफी अलग थी। ऑस्कर इससे पहले भी कई प्राचीन मानवों को अपनी शिल्पकला से जीवन दे चुके हैं। जिनमें 11 साल की Myrtis भी शामिल है।
ऑस्कर नीलसन कहते हैं कि पाषाण काल के पुरुषों और स्त्रियों के चेहरे की बनावट वक्त के साथ बदलती चली गई। अब पुरुष और महिलाएं कम मैस्कुलिन (मर्दाना) लगते हैं।
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