• ऐसे लोग जो अपने मूल स्वभाव को छिपाते है उन्हें पाखंडी कहा जाता है। ये लोग छल कर दूसरे से उनका पैसा और संपत्ति छिनाने का प्रयास करते हैं। मनुस्मृति में पांखडी लोगों को कभी भी मेहमान नही बनाने की सलाह दी गई है।
• ऐसे लोग जो लूट-पाट,चोरी,डकैती आदि करते है उन्हें कभी भी अपना मेहमान बनाकर अपने घर पर नही बुलाना चाहिए। ऐसे लोग आपकी संपत्ति को अपना बनाने का कोशिश करते है। इसलिए बुरे कामो को करने वाले को कभी भी अतिथि नही बनाना चाहिेए।
• आमतौर पर कुछ ऐसे लोग होते है जो आपका दुख देखकर दुखी होने के बजाए उन्हें खुशी मिलती है। ऐसे लोगो को अगर घर पर अतिथि बनकर लाते है तो आपका नुकसान ही होगा।
• जो लोग वेदों में विश्वास नही करते है वे नास्तिक स्वभाव के होते है। ऐसे लोगों के घर में आने से नेगेटिव एनर्जी अधिक हो जाती है इसलिए मनुस्मृति में ऐसे लोगो को कभी अतिथि नही बनाने के बारें मे कहा गया हैं।

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