यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और ग्लैसगो के अनुसंधानकर्ताओं ने ब्रिटेन के 600 से ज्यादा पुरुषों को अपनी रिसर्च में शामिल किया और उनसे अपनी शादी की गुणवत्ता का 2 स्तरों पर मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। पहला तब जब उनका बच्चा 3 साल का था और दूसरा तब जब उनका बच्चा 9 साल का था। इसके तहत पुरुषों ने अपनी शादी का 4 तरह से मूल्यांकन किया- लगातार अच्छी हो रही, लगातार बुरी, हर रोज बेहतरी की ओर बढ़ती हुई और बिगड़ती हुई।
12 साल बाद रिसर्च टीम ने फिर से इस रिसर्च में शामिल होने वाले पुरुषों के स्वास्थ्य की जांच की। इसके तहत प्रतिभागियों के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, वजन, कलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच की गई। ये वे फैक्टर्स हैं जिनसे हृदय रोग होने की संभावना रहती है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च टीम ने बताया कि जिन पुरुषों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को इम्प्रूविंग यानी बेहतरी की ओर बढ़ती हुई बताया था उनका वजन और कलेस्ट्रॉल रीडिंग दोनों सालों बाद भी हेल्दी था। तो वहीं जिन लोगों ने अपनी शादी और रिश्ते को बिगड़ता हुआ बताया था उनका ब्ल्ड प्रेशर बेहद खराब था। इन बातों के आधार पर स्टडी के ऑथर इस नतीजे पर पहुंचे कि किसी व्यक्ति के शादीशुदा जिंदगी में होने वाले बदलाव के जरिए हृदय रोग के खतरे की भविष्यवाणी की जा सकती है।

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