छत्तीसगढ के कवर्धा जिले में शादी के दौरान एक अनूठी परंपरा को निभाया जाता है। जिसके तहत बैगा-आदिवासियों के विवाह में दूल्हे को दुल्हन की मां यानी सास, शराब पिलाकर रस्म की शुरुआत करती है और इसके बाद दूल्हे पक्ष के सारे लोग शराब पीते है। सिर्फ इतना ही नहीं, दूल्हा-दुल्हन भी एक-दूसरे को शराब पीला इस परंपरा को आगे बढ़ाते है।
इस आदिवासी समुदाय में शादी में शराब पीने की परंपरा तो है ही साथ ही किसी की मौत पर भी समुदाय के सभी लोगो द्वारा शराब का सेवन किये जाने की परंपरा है। कुल मिला कर देखा जाये तो हम यह कह सकते है कि, इस आदिवासी समुदाय के लिए शराब का सेवन हर मौके पर बेहद जरूरी माना गया है।

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