आपको बता दें कि भारत के उत्तर-पूर्व में बसे असम में ऐसी ही एक परंपरा सदियों से निभाई जा रही है, जहां लोग मेढक और मेढकी की शादी करते हैं। इनका मानना है कि इससे प्रकृति प्रसन्न होती है और जिसके कारण बरसात होती है। असम चावल की खेती के लिए मशहूर है और चावल खेती के लिए ज्यादा मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए जब भी यहां लंबे समय तक बरसात नहीं होती है, तो यहां राजा इंद्र को प्रसन्न करने के लिए ऐसा करते हैं।
कहा जाता है कि जब किसान इंद्र से बरसात के लिए प्रार्थना करते हैं, तो इंद्र किसानों से कहते हैं कि जब तक यहां के मेंढक बरसात के लिए ‘हां’ नहीं बोलेंगे तब तक वे बरसात नहीं करेंगे। इसी मान्यता के अनुसार गांव के लोग मिलकर मेढक-मेढकी की शादी करवाते हैं। इनका कहना है कि बारिश के मौसम में ही मेंढकों का मिलन होता है, मेंढक प्रसन्न होकर बोलते हैं, जिसे सुनकर इंद्र वर्षा करते हैं। इस अद्भुत शादी में सभी परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है।

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