जब ये गाना बहुत ज्यादा हिट हो गया तो इस गाने पर एक विवाद भी हो गया है। और यह विवाद गिरावड़ गांव के भजन गायक कृष्णलाल ने खड़ा किया है। इनका दावा है की ये भजन 1984 में उन्होंने अपने फौजी भाइयो के लिए लिखा था जिसका एक कैसेट भी रिलीज हुआ था साथ ही एक किताब में भी यह भजन छापा गाया था।
जब मामला सुलझाने की बात आयी तो कृष्णलाल जी का कहना है की इस गीत में मेरा और मेरे भाई का भी नाम है लेकिन गाये हुए गीत से ये नाम हटा दिए गए है। इन्हें इस गीत में फिर से शामिल किया जाए। मुझे सिर्फ नाम हटाने का दुःख हुआ है।
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