1. रात को सिरहाने एक लोटे मैं पानी भर कर रखे और इस पानी को गमले मैं लगे या बगीचे मैं लगे किसी छोटे पौधे मैं सुबह डाले । 3 दिन से एक सप्ताह मे वो पौधा सूख जाये तो समझें कि आप पर किसी ने तंत्र क्रिया की है।
2. रात्रि को सोते समय एक हरा नीम्बू तकिये के नीचे रखे और प्रार्थना करें कि जो भी नेगेटिव क्रिया हुई वह नीम्बू में समाहित हो जाए। सुबह उठने पर यदि नीम्बू मुरझाया हो या उसका रंग काला दिखे तो आप पर तांत्रिक क्रिया हुई है।
3. यदि बार-बार घबराहट होने लगती है, पसीना सा आने लगता हैं, हाथ पैर शून्य से हो जाते है । डाक्टर के जांच मैं सभी रिपोर्ट नार्मल आती हैं लेकिन अक्सर ऐसा होता रहता तो इस बात की आशंका अधिक है कि आप किसी तान्त्रिक क्रिया के शिकार हो गए है ।
4. आपके घर मैं अचानक अधिकतर बिल्ली,सांप, उल्लू, चमगादड़, भंवरा आदि घूमते दिखने लगे ,तो समझिये घर पर तांत्रिक क्रिया हो रही है।
5. आपको अचानक भूख लगती लेकिन खाते वक्त मन नही करता तो यह लक्षण भी तंत्र क्रिया का माना जाता है।
6. घर मे सुबह या शाम मन्दिर का दीपक जलाते समय अकारण विवाद होना या बच्चे का रोना भी इसी का संकेत है।
7. आपके चेहरे का रंग पीला पड़ना। ये भी एक कारण हैं की जितना प्रबल तन्त्र प्रयोग होगा आपके मुंह का रंग उतना ही पीला पड़ता जायेगा। आप दिन प्रतिदिन अपने आपको कमज़ोर महसूस करेंगे।
8. घर के सदस्यों की एक के बाद एक बीमार पड़ना।
9. घर के जानवर जैसे गाय, भैंस, कुत्ता अचानक मर जाना।
10. घर के अंदर या बाहर नीम्बू, सिंदूर, राई , हड्डी आदि सामग्री बार बार मिलने लगे।

एक टिप्पणी भेजें