1. किसी भी निर्धन गरीब असहाय व्यक्ति को धोखे पर डालकर गलत तरीके से दवाइयों को बेचना या उसकी परिस्थिति को भांपते हुए उससे पैसे कमाने का जरीया ढूंढना काफी बड़ा पाप माना जाता है।
2. अपने थोड़े से स्वाद को पूरा करने के लिए किसी निर्दोष जानवर का वध करना महापाप होता है। जितना पाप आपको मांस-मदिरा का सेवन करने से लगता है उससे कहीं ज्यादा पाप इन जानवरों को मारकर बेचने से लगता है।
3. हमारे हिन्दू धर्म में गाय को हमेशा ऊंचे पद पद पर रखा गया है। कुछ लोग गाय के दूध का उपयोग अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए करते है और इस दूध को बेचकर इसका व्यापार करते हैं। पुराणों के अनुसार यह भी महापाप की श्रेणी में आता है।
4. पुराणों के अनुसार गाय के दूध से बनाया गया घी, हमेशा घर का ही होना चाहिए। क्योंकि इसे बेचना और खरीदना दोनों ही महापाप समझा जाता है।
5. पूजा के लिए उपयोग किए जानें वाला सफेद वस्त्र बेचा जा सकता है, वहीं पूजा के लिए लाल वस्त्र को बेचना काफी अशुभ माना जाता है।
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