अमेरिका में हुई एक रिसर्च के मुताबिक कच्चे दूध से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। कच्चा दूध गर्भवती महिलाओं के लिए तो बेहद खतरनाक है। वैज्ञानिकों के मुताबिक,मनुष्य में ना केवल संक्रमण की वजह से उल्टी, दस्त व बुखार होता है कच्चे दूध से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से बल्कि जूनोसिस बीमारियों की चपेट में भी आ जाता है। कच्चे दूध में पाया जाने वाले माइक्रोबियल में एशचेरीचिया कोली ओ157-एच7 के साथ संक्रमणकारी सालमोनेला,कैंपीलोबेक्टर और लिस्टेरिया पाया जाता है।
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रोगग्रस्त पशुओं व मनुष्यों से स्वस्थ पशुओं व मनुष्यों में फैलने वाले संचारी रोगों को अंग्रेजी में जूनोसिस कहते हैं। इसे पशु-जनित व पशुजन्य रोग भी कहते हैं। इतना ही नहीं कच्चे दूध से बुसेल्लोसिस या टीबी भी हो सकती है और गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भपात का खतरा भी होता है। ये जीवाणु मनुष्यों में विशेष रूप से बच्चों गर्भवती महिलाओं और व्यस्कों में खाद्यजनित बीमारियों का कारण बनते हैं।
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ए लिवेबल फ्यूचर (सीएलएफ) के मुख्य शोधकर्त्ता बेंजामिन डेविस ने कहा,टोन्ड दूध पीने की तुलना में कच्चा दूध पीने से खाद्य जनित बीमारी होने का खतरा 100 गुना बढ़ जाता है। लेकिन कच्चे दूध की तुलना में पाश्चुरीकृत दूध अधिक स्वास्थवर्धक,साफ,स्वादिष्ट और शरीर में लैक्टोस की क्षमता को घटाने वाला होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक,हाल के दिनों में कच्चा दूध पीना अधिक लोकप्रिय हो गया है।
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