- पुरुषों से ज्यादा महिलाएं झेलती हैं इसका दर्द!
अगर आपको भी छोटी-छोटी बातों पर चिंता करने की आदत है, तो अपनी इस आदत को बदलने की कोई जरूरत नहीं। एक नए अध्ययन के मुताबिक चिंता करने के बारे में आम राय नकारात्मक है, बावजूद इसके चिंता कई लोगों को ट्रॉमा और अवसाद से निपटने और ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है, जो उनकी सेहत के लिए अच्छी हो।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन सोशल एंड पर्सनैलिटी साइकोलॉजी कैम्पस नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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