1.मांग भरना :- शादी शुदा औरतों के लिए सिंदूर भरना एर परंपरा है। यह हल्दी,चूना और पारे को मिलेकर बनाया जाता है। पारा बीपी को कंट्रोल करता है और यौन इच्छा को भी बढ़ाता है।
2. व्रत और रोजा :- हफ्ते में एक दिन भूखे रहने से पाचन क्रिया ठीक रहती है और रमजान के दिनों में सूरज निकलने से पहले और छिपने के बाद खाना खाने से रक्त-चाप और कैलेस्टोल कंट्रोल में रहता है
3. नमाज़ :- नमाज पढ़ते वक्त पांच अलग-अलग मुद्राओं से मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बना रहता है।
4. मंदिर जाना :- मंदिर का निर्माण खास दिशा में करवाया जाता है। जिससे शरीर को साकारात्मक उर्जा मिलती है।
5.रंगों में खेलना :- बायोलाजिस्च का मानना है कि जब रंग शरीर पर लगते हैं तो त्वचा के रोम छिद्रों में से जाकर रंग शरीर के Ions को मज़बूत करता है।
6. बाहर जाते समय दही खाना :- घर से बाहर जाते समय दही खाने से पाचन शक्ति अच्छी रहती है इसीलिए शुभ काम पर जाने से पहले दही खिलाया जाता है।
7. ब्रह्म मुहूर्त में जगना :- बड़े हमेशा बच्चों से कहते हैं कि सुबह जल्दी उठना अच्छा होता है क्योकि इस वक्त हवा ताजा होती है और वातावरण भी शांत होता है।
8. गहने खरीदना :- हिन्दु धर्म में त्योहारों और खास मौको पर सोना व चांदी खरीदने की परंपरा होती है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिती अच्छी रहती है।

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