क्या हुआ जब ट्रैफिक हवलदार ने नहीं जाने दी मोदी जी की कार?


यह किस्सा बहुत प्रचलित है। एक बार भारत देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दिल्ली में गलत जगह खड़ी कार को क्रेन से उठवा लिया था। तबसे मीडिया में उनका नाम 'क्रेन बेदी" पड़ गया। ऐसा ही एक किस्सा हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से जुड़ा हुआ है।ये कुछ समय पहले की बात है। जब नरेन्द्र मोदी जी भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी हुआ करते थे। अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। उस वक्त भोपाल में एक ट्रैफिक हवलदार ने नरेन्द्र मोदी जी की कार को रोक दिया था ।

बदले में  नरेन्द्र मोदी जी ने मुस्कराकर उस हवलदार की खूब प्रशंसा की और उसको शाबाशी भी दी दरसल बात थी।  कि 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव थे और जगदलपुर में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलजी की सभा थी। सभा में भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे।सभा खत्म होने के बाद उन्हें भोपाल आना था।इसलिए वे रायपुर से एक छोटे विमान के ज़रिए भोपाल हवाई अड्डे पर उतरे। यहां वे भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय द्वारा भेजी गई एम्बेसेडर में बैठे और रवाना गए।

रास्ते में एक अस्पताल के पास अचानक एक ट्रैफिक हवलदार ने उनकी कार रोक दी। पता चला कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की रैली निकल रही है।  इसलिए ट्रैफिक रोका गया था ।नरेन्द्र मोदी जी उनके ड्राइवर ने ट्रेफिक हवलदार से कहा की 'कार में भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी नरेंद्र मोदी जी बैठे हैं। लेकिन हवलदार नहीं माना और उसने कार को नहीं जाने दिया। रैली निकलने के बाद जब ट्रैफिक खुला तो नरेन्द्र मोदी जी ने कार में से ही हवलदार को सही ड्यूटी के लिए शाबाशी दी और मुस्कराकर उसका हौसला बढ़ाया।

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