# प्रेगनेंसी टेस्ट के बिना कैसे जाने गर्भावस्था के शुरुआती संकेत ?
➙ आपके शरीर को थोड़ी सी एक्सरसाइज़ की जरूरत होती है। इससे आपके शरीर में दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता बढ़ेगी। जांघों की एक्सरसाइज़ खासतौर पर करें, इससे डिलीवरी के दौरान काफी मदद मिलेगी। ध्यान रखें इस दौरान भारी एक्सरसाइज़ बिल्कुल न करें। बेहतर होगा आप ट्रेनर की मदद से ही एक्सरसाइज़ करें।
➙ प्राणायाम से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की एक्सरसाइज़ हो जाती है। इसे करने से प्रेगनेंट महिलाओं को इसलिए भी ज्यादा फायदा होता है क्योंकि इससे उनके बच्चे तक ऑक्सीजन बेहतर तरीके से पहुंचती है, जिससे उसका सही से विकास हो पाता है।
➙ आप जो छोटी-छोटी चीज़ों की टेंशन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लेती हैं, उसे प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेक दे। क्योंकि ये टेंशन प्रेगनेंसी के दौरान खतरनाक साबित हो सकती है।
➙ प्रेगनेंट महिलाओं की कैलोरी की आवश्यकता बढ़ जाती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप डबल खाना शुरू कर दें। कोशिश करें कि अपने काने में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां, फल, दूध, अंडे शामिल करें।
➙ पानी सिर्फ आपको हाइड्रेटेड ही नहीं रखता बल्कि नॉर्मल डिलिवरी पाने में आपकी मदद भी करता है। प्रेगनेंसी के दौरान जितना हो सके उतना पानी पियें।
➙ कोशिश करें कि चाय न ही पियें। दरअसल, चाय हमारे खून में मौजूद आयरन को अवशोषित कर लेती है। आइरन की कमी प्रेगनेंट महिलाओं को कमज़ोर बना सकती है तथा इसका असर आपके बच्चे के विकास व उसके वजन पर भी पड़ता।
➙ प्रेगनेंसी के दिनों में वॉक करने की आदत डाल लें। आप सुबह और शाम अपने घर के आसपास के पार्क में वॉक के लिए जा सकती हैं। ऐसा करने से आपके पूरे शरीर की माइल्ड एक्सरसाइज़ हो जाएगी। साथ ही बाहर की ताज़ी हवा से आपका तनाव दूर हो जाएगा।
# इस समय बढ़ जाती हैं महिलाओं के गर्भाधारण की संभावना

إرسال تعليق