भारत में भगवान शिव के कई मंदिर हैं। इनमें से अधिकांश मंदिरों में भगवान शिव की लिंग रूप में पूजा की जाती है, लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है जहां देवी पार्वती की 'योनि' रूप में पूजा की जाती है। यह मंदिर असम के गोवाहाटी से 10 किलोमीटर दूर नीलांचल नामक पहाड़ी पर स्थित है।
इस मंदिर में हर साल एक मेले का भी आयोजन किया जाता है। इस मेले का नाम है अम्बुबाजी मेला। इस मेले में दूर-दूर के तांत्रिक और अघोरी हिस्सा लेते हैं। इस मेले में बाकी दिन तो योनि से पानी निकलता रहता है लेकिन मेले के तीन दिन यहां इस योनि से खून निकलता रहता है। इस मेले को कामरूपों का कुम्भ कहा जाता है।
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