करवा चौथ पर छलनी से ही क्यों देखते हैं चांद..?


हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का खास महत्व है। करवाचौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन चंद्रमा की पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं चांद के दर्शन करके ही अपना व्रत खोलती है। करवाचौथ पर चांद हमेशा छलनी से ही देखा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे की वजह? 

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इस व्रत की कथा के अनुसार, एक बार किसी बहन को उसके भाइयों ने स्त्रेहवश भोजन कराने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया। इस तरह उसका व्रत भंग हो गया। इसके पश्चात उसने पूरे साल चतुर्थी का व्रत किया और जब पुन: करवा चौथ आई तो उसने विधिपूर्वक व्रत किया और उसे सौभाग्य की प्राप्त हुई। उस करवा चौथ पर उसने हाथ में छलनी लेकर चांद के दर्शन किए। 

छलनी का एक रहस्य यह भी है कि कोई छल से उनका व्रत भंग न कर दे, इसलिए छलनी के जरिए बहुत बारीकी से चंद्रमा को देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है।

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