जानिए क्यों इस गांव में नहीं आती दूसरे गांव से बारात...!


टौंकपुरी टांडा गांव के बनाए हुए खुद के नियम अपने आप में काफी रोचक हैं। ऐसे ही कुछ नियमों में से एक है कि अगर लड़की के दरवाजे पर ठीक तय समय पर लड़के वाले बारात लेकर न पहुंचे तो उसके बाद 100 रुपये प्रति मिनट देरी के हिसाब से वर पक्ष को चुकाने होंगे। 

पढ़े : इस फेस्टीवल में सात बार बनाएं 'संबंध' पूरी होगी मुराद

इसके साथ ही शादी को लेकर यहां का एक और नियम ऐसा है जो काफी बेहतरीन है। वह यह कि अगर वर और वधु दोनों एक ही गांव के हों तो ये दोनों के वैवाहिक जीवन के लिए काफी शुभ माना जाता है। इस बारे में गांव के मौलवी अरशद कहते हैं कि अगर किन्‍हीं कारणों से लड़की की बारात किसी दूसरे गांव से भी आ जाती है तो इसे काफी अशुभ माना जाता है। उनका कहना है कि इस प्रथा का एक और कारण यह भी है कि ऐसा मानने से किसी अंजान गांव से आने वाले वर के अनभिज्ञ इरादों और स्‍वभाव के चपेट में आने से लड़कियां बच जाती हैं। मौलवी कहते हैं कि यही कारण है कि वे सब अपने पूर्वजों के बनाए हुए नियमों का इमानदारी के साथ पालन करते हैं। 

इसके अलावा कुछ और भी अच्‍छी बातें हैं यहां के पूर्वजों के बनाए रिवाजों में। इनमें से अगली है कि शादी के दौरान लोग गलियों या सड़कों पर नाच-गा नहीं सकते। कुल मिलाकर वैवाहिक समारोह को भी काफी सम्‍मान के साथ मनाए जाने का रिवाज है। किसी भी तरह का शोर-शराबा नहीं चाहिए इस दौरान।

पढ़े : यहां क्यों लड़कियों के प्राइवेट पार्ट का एक हिस्सा निकाल देते हैं

Post a Comment

أحدث أقدم