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वेदपाल शास्त्री जो कि राई ब्लॉक समिति के सदस्य है ने बताया कि दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे उसने देखा कि दो महिलाएं श्मशान घाट के अंदर से बाहर आ रही हैं। उनकी गतिविधि संदिग्ध लगी। तुरंत उसने ऑटो में बैठने से पहले पूछा कि श्मशान घाट में क्या करने आई हैं। उन्होंने बताया कि पूजा करने गई थी। वहां पर देसी शराब की दो बोतल व मुर्गा चढ़ाया है। मामले की भनक पूरे गांव में फैल गई और लोग जमा हो गए।
महिलाओं को तुरंत शमशान घाट में ले जाया गया, जहां से वे देसी शराब की बोतल व मरा हुआ मुर्गा उठाकर लाई। इस मामले की सूचना राई थाने में दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को थाने में ले गई। चेतावनी देकर बाद में छोड़ दिया, क्योंकि ग्रामीणों की तरफ से लिखित में शिकायत नहीं दी गई थी।
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उसके बाद दोनों महिलाओं ने माफी मांगी और कहा कि वो आगे ऐसा नहीं करेंगी। मां-बेटी ने पंचायत के सामने कबूल किया कि वे पहले भी तीन बार यहां तंत्र क्रिया कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि एक तांत्रिक ने बोला था कि यदि काली माता को खुश करना है तो श्मशान भूमि में मुर्गे के बलि और शराब की बोतल चढ़ा दो। ऐसा करने से घर में सुख शांति होगी और दौलत बरसेगी। इससे यह साफ़ होता है कि आज भी अंधविश्वास हमारे समाज ने व्याप्त है !

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