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यूथहेल्थमैग डॉट कॉम की रिपोर्ट बताती है, कि एसटीआई में सूजाक, सिफलिस, क्लैमाइडिया, एचआईवी या दूसरे संक्रमण वाली बीमारियां शामिल हैं। इस विषय में किए गए एक शोध में कई बातें सामने आईं। जिनमें बताया गया, कि दुनियाभर में चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं की चपेट में आने की वजह में यौन संबंधों से होने वाला संक्रमण सबसे प्रमुख वजह है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि, यह शोध दिखाता है कि कम उम्र में यौन संबंधों से एसटीआई से दो-चार होने का जोखिम बढ़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सियोल के योनसेई विश्वविद्यालय के रीसर्चर्स ने इस रीसर्च के लिए कोरिया के युवा जोखिम व्यवहार का एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़ों का अध्ययन किया।
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कोरियन सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा सालाना युवा जोखिम व्यवहार का सर्वेक्षण कराया जाता है। इस विश्लेषण में यौन संबंध स्थापित कर चुके 22,381 नाबालिगों के जवाब शामिल किए गय। इनमें से करीब 7.4 फीसदी किशोरों एवं 7.5 फीसदी किशोरियों ने एसटीआई से दो-चार होने की बात कही।
रीसर्चर्स ने पाया कि लड़के व लड़कियों दोनों में पहले यौन संबंध के वक्त उम्र कम होने की वजह से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शंस बढ़ गया। 12वीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोरों की तुलना में सातवीं कक्षा में पहली बार यौन संबंध बनाने वाले किशोर-किशोरियां एसटीआई से तीन गुना ज्यादा प्रभावित हुए।
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