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ये सनसनी खेज खुलासा आगरा के रेड लाइट ऐरिया से छुड़ायी गयी लड़कियों पुलिस के सामने किया है। चिकित्साविज्ञानियों के मुताबिक रेड लाइट ऐरिया में लड़कियों को संभवतः वो इंजेक्शन दिये जा रहे थे जिनको डॉक्टर्स विशेष परिस्थितियों में किसी रोगी को प्रेसक्राइब्ड करते हैं। क्यों कि ऐसे ड्रग्स लगातार या ज्यादा मात्रा में लेने से मेंटल और फिजिकल डिसऑर्डर की भी आशंका रहती है।
चिकित्सा विज्ञानियों का यह भी कहना है कि अगर किसी 15-16 साल की लड़की को इस ड्रग्स का इंजेक्शन दिया जा रहा है तो 20-22 होने से पहले ही उसकी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। कम उम्र में ही अर्थराइटिस की शिकार हो सकती है। इसके अलावा वो किसी न किसी मनोरोग की भी शिकार हो सकती है। इस ड्रग्स का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट ये है कि कोई दूसरी ड्रग्स अपना पूरा असर कभी डाल ही नहीं पाती, और लड़की पूरी जिंदगी रोगी बनी रहती है। कोई देखभाल करने वाला न हो तो कम उम्र में मृत्यु की भी आशंका बढ़ जाती है।
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