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आपने एफ.जी.एम. का नाम तो सुना ही होगा, जिसका मतलब है फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन। केन्या के गांवों में लड़कियों का खतना किया जाता है। यह खतना इसलिए किया जाता है कि वहां के कबीले के लीडर का मानना है कि ऐसा कर देने के बाद लड़कियां धोखेबाज नहीं होती हैं। ऐसा करने के बाद लड़कियां अपने मनोभावों पर नियंत्रण कर पाती हैं।
ऐसा दर्दनाक काम धारदार ब्लेड से किया जाता है। दर्दनाक खतना करने से प्राइवेट पार्ट में इंफैक्शन और दर्द न सहने की वजह से उनकी मौत भी हो जाती है। अन्ना मूरा इस काम को पिछले 70 सालों से कर रही हैं हांलाकि इससे होने वाली लड़कियों की मौतें और इंफैक्शन के केस इतने ज्यादा हैं कि इसे वहां की सरकार ने गैर-कानूनी करार दिया है। फिर भी लोग इस काम को करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
खतना से पीड़ित लगभग यूरोप में 7 लाख लड़कियां रहती हैं, एक लाख अमरीका और और फ्रांस में भी। इस काम के विरोध में खड़े होने वाले ईस्टर ओगेटो का कहना है कि उन्होंने देखा है कि जिस लड़की का खतना कर दिया जाता है, उसे शादी के दौरान लड़के भी मिल जाते हैं। साथ ही मेंदहेज और गाय भी लेकिन जिसका खतना न हुआ हो, उन लड़कियों को लड़के नहीं मिलते। फिलहाल इसका विरोध दुनिया के कई हिस्सों से जारी है।
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