डाउनलोड से पहले ऐप को ध्यान से देखेंः किसी भी ऐप को सर्च करते समय आपको उसके कई विकल्प मिलते हैं। कई बार इनमें सही ऐप का चयन करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ध्यान से देखें कि ऐप्स में आइकन या नाम में कुछ तो फर्क होगा। अक्सर फर्जी ऐप्स के नाम की स्पेलिंग या आइकन में गड़बड़ होती है। नाम में किसी एक अक्षर को कई बार बदल दिया जाता है।
डाउनलोड की संख्याः ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके डाउनलोड की संख्या पर नजर डालना न भूलें। क्योंकि ओरिजनल ऐप को दुनियाभर में करोड़ों बार डाउनलोड किया गया है जबकि फर्जी ऐप के डाउनलोड काउंट बेहद ही कम होते हैं। असली-नकली ऐप में पहचान करना यह अच्छा तरीका है।
डेवलपर को करें वेरिफाईः ऐप को डाउनलोड करने से पहले एक बार उसके डेवलपर को वेरिफाई जरूर कर लें। क्योंकि फर्जी ऐप बनाने वाले अक्सर वास्तविक ऐपस के डेवलपर के नाम को बारीकी से काॅपी करते हैं। लेकिन असली डेवलपर की डिटेल आसानी से मिल जाती है, जबकि नकली डेवलपर अपनी डिटेल शो नहीं करते।
रिव्यू से भी मिलेगी मददः असली और नकली ऐप की पहचान के लिए उस ऐप के रिव्यू जरूर पढ़ें जो कि काफी मददगार साबित होंगे। रिव्यू आपको गूगल प्ले स्टोर में सबसे नीचे मिल जाएंगे। कुछ ऐसे रिव्यू होंगे जो कि ऐप के बारे में सही बता रहे होंगे। लेकिन ऐसे रिव्यू जो ऐप की या तो बहुत तारीफ कर रहे हों या फिर बहुत नेगेटिव बता रहे हों उन्हें डाउनलोड करने से बचें।



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