छात्रों के लिए…
- 6 फीट की दूरी और मास्क का प्रयोग जरूरी।
- सैनिटाइजर और साबुन का इस्तेमाल जरूर करना होगा।
- छींकते-खांसते समय मुंह ढक कर रखना होगा।
- अपनी पुरानी बीमारी को लेकर खुद मॉनिटर करना होगा और इसकी जानकारी देनी होगी.
- थूकने पर सख्त पाबंदी होगी।
- मोबाइल में आरोग्य सेतु एप अनिवार्य।
यूनिवर्सिटी, शैक्षणिक संस्थान, परीक्षा केंद्र और परीक्षा लेने वालों के लिए…
- कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित परीक्षा केंद्र में ही परीक्षा की इजाजत होगी।
- कंटेनमेंट जोन में रहने वाले कर्मी परीक्षा लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
- कंटेनमेंट जोन वाले छात्रों के लिए बाद में परीक्षा आयोजित होगी।
- ज्यादा भीड़ ना हो इसे देखते हुए एक-एक कर समयबद्ध तरीके से छात्रों की एंट्री होगी।
- सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्र में पर्याप्त कमरों की व्यवस्था करनी होगी।
- कोरोना के मद्देनजर बचाव के लिए फेस कवर, फेस मास्क और सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था परीक्षा केंद्र के अंदर होनी चाहिए।
- परीक्षा लेने और परीक्षा देने वालों को परीक्षा से पहले अपने स्वास्थ्य को लेकर सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा।
- परीक्षा केंद्र में आते समय छात्र अपने साथ क्या-क्या लेकर आ रहे हैं, इसकी जानकारी उन्हें पहले देनी होगी, जैसे एडमिट कार्ड, आईडी, फेस मास्क, पानी का बोतल और सैनिटाइजर आदि।
- परीक्षा केंद्र में अनुशासन बरकरार रहे, इसके लिए परीक्षा केंद्र में पर्याप्त संख्या में कर्मियों की मौजूदगी होनी चाहिए।
- कागजात की जांच और रजिस्ट्रेशन आदि के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
- इनविजीलेटर और सुपरवाइजर को कोरोना से संबंधित कोड ऑफ कंडक्ट की जानकारी अपने कर्मियों को पहले देनी होगी।
- परीक्षा केंद्र के बाहर और अंदर कोरोना से सम्बंधित एहतियात की सभी जानकारियां पोस्टर, होर्डिंग आदि के माध्यम से देनी होगी।
- थर्मल स्क्रीनिंग या परीक्षा के दौरान अगर किसी में कोरोना का लक्षण दिखता है, तो उसे तत्काल आइसोलेट करने के लिए परीक्षा केंद्र में पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
एंट्री-एग्जिट के लिए…
- एंट्री और एग्जिट गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर आदि की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
- ज्यादा भीड़ ना हो इसके मद्देनजर पर्याप्त संख्या में एंट्री और एग्जिट गेट की व्यवस्था जरूरी है। सिर्फ बिना लक्षण वाले कर्मी और छात्रों के ही प्रवेश की इजाजत होगी।
- कोरोना का लक्षण पाए जाने पर किसी भी छात्र को तुरंत ही नजदीकी हेल्थ सेंटर भेजा जाएगा और उसकी परीक्षा की व्यवस्था बाद में उसके पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद की जाएगी।
- एंट्री गेट पर सोशल डिस्टनसिंग बनाए रखने के लिए मार्किंग करना होगा।
- थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही हो पाएगी तलाशी, तलाशी लेने वाले कर्मी के लिए ग्लब्स और ट्रिपल लेयर मास्क पहनना जरूरी होगा।
- बुजुर्ग कर्मी, गर्भवती महिला कर्मचारी और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मी को परीक्षा केंद्र पर आने की इजाजत नहीं होगी।
- अगर इनकी ड्यूटी लगानी भी हुई तो ऐसे काम में ड्यूटी लगाई जाएगी, जहां पर इनका सीधा संपर्क छात्रों से ना हो।
परीक्षा केंद्र के अंदर कैसे हो मूवमेंट…
- लिफ्ट के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखना जरूरी होगा।
- अगर व्हीलचेयर की जरूरत होती है तो उसे पूरी तरह से सैनिटाइज करके इस्तेमाल करना होगा।
- शारीरिक रूप से दिव्यांग छात्रों और उनके साथ में परीक्षा में सहयोग के लिए आने वाले शख्स के लिए मास्क जरूरी होगा।
- परीक्षा केंद्र के अंदर संपर्क रहित व्यवस्था के लिए क्यूआर कोड, स्कैनिंग, ऑनलाइन फॉर्म, डिजिटल सिग्नेचर आदि जरूरी होगी।
- पीने के पानी की व्यवस्था के लिए डिस्पोजेबल कप जरूरी होगा।
- प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका के वितरण से पहले परीक्षा लेने वाले कर्मी को अपना हाथ सैनिटाइज करना होगा.
- छात्रों को भी प्रश्न पत्र व उत्तर पुस्तिका लेने से पहले अपने हाथ सैनिटाइज करने होंगे।
- प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका इस्तेमाल में छूट पर प्रतिबंध होगा।
- छात्र आपस में स्टेशनरी शेयर नहीं कर सकेंगे।
- ऑनलाइन परीक्षा की स्थिति में कंप्यूटर सिस्टम को पूरी तरह से अल्कोहल युक्त स्वैब्स या वाइप्स से सैनिटाइज करना जरूरी होगा।
- परीक्षा लेने वाले सभी कर्मियों, परीक्षा देने वाले सभी छात्रों और इस प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों की जानकारी परीक्षा केंद्र को रखनी होगी।
- परीक्षा केंद्र के भीतर एसी होने की स्थिति में एसी का टेंपरेचर 24 से 30 डिग्री के बीच ही होना चाहिए।
- परीक्षा केंद्र के भीतर लगातार समय-समय पर टॉयलेट, एलिवेटर बटन, दरवाजों, डेस्क बेंच, कुर्सियों आदि को सैनिटाइज करना जरूरी होगा।





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