सैनिटाइजर हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। सैनिटाइजर को हम कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ढाल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। जब हम काम पर जाते हैं या यात्रा कर रहे होते हैं, तब हम सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं। कोरोना वायरस ज्यादा फैल रहा है, तो इसके साथ-साथ हर दिन सैनिटाइजर की मांग भी बढ़ती जा रही है। कुछ कंपनियों ने इन स्थितियों का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। सैनिटाइजर के नाम पर कई गड़बड़ उत्पाद मार्केट में बेचे जा रहे हैं।
बाजार में कई तरह के सैनिटाइजर मिल रहे हैं, जिनमें कुछ दावा करते हैं कि 'वो 99.9 प्रतिशत तक वायरस मार सकते हैं', कुछ कहते हैं कि 'उनका सैनिटाइजर खुशबू वाला है', वहीं कई का कहना है कि 'उनका सैनिटाइजर अल्कोहल बेस्ड है'। लेकिन क्या हम कोरोना वायरस से बचने के लिए अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर इस्तेमाल कर रहे हैं।
कौन सा सैनिटाइजर खरीदना चाहिए?
लोगों को सैनिटाइजर खरीदते वक्त जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। सैनिटाइजर में इथाइल अल्कोहल की मात्रा 70 प्रतिशत से ज्यादा हो तो अच्छा है। कई बार अल्कोहल हाथों को ड्राई बना सकता है। इसलिए ग्लिसरीन वाला सैनिटाइजर ठीक रहता है। साथ ही जिन्हें अक्सर एलर्जी हो जाती है, उन्हें खुशबू वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
कैसे पता करें कि कौन सा सैनिटाइजर अच्छा है और कौन सा खराब?
आप पता कर सकते हैं कि सैनिटाइजर इस्तेमाल के लिए ठीक है या नहीं। इसके लिए आपको एक चम्मच में गेंहू का आटा लेना होगा। अगर आटा चिपचिपा हो जाता है तो सैनिटाइजर अच्छा नहीं है और अगर आटा सूखा रहता है तो सैनिटाइजर इस्तेमाल के लिए ठीक है।
सैनिटाइजर को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
-नॉन अल्कोहलिक उत्पाद कोविड-19 के खिलाफ उपयोगी नहीं है।
-सैनिटाइजर बच्चों से दूर रखें।
-इंजेक्शन से जहरीला प्रभाव हो सकता है।
-सैनिटाइजर खरीदते वक्त कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
-सैनिटाइजर खरीदने से पहले लोगों को उसपर छपे निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए।





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