सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल राहुल गांधी जी से खुले माहौल में बात हुई, प्रियका जी भी थीं। मुझे SOG का नोटिस दिया गया था। वो अनुचित था। इसके अलावा कई मामले सामने आए लेकिन वो सकारात्मक नही थे। देशद्रोह की धारा से मैं आहत हुआ। उन्होंने कहा कि साढ़े 6 साल में से 5 साल जनता के लिए संघर्ष किया। एक समिति बनाई गई है जो हमारी बात सुनेगी
पायलट ने खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि हमने पार्टी के खिलाफ कुछ नही कहा, मेरे लिए कई बातें कही गईं जिससे दुःख हुआ। हम सभी ने निर्णय लिया कि पार्टी के साथ रहेंगे जो वादे जनता से किए थे, उन्हें पूरा करेंगे जिन लोगों ने सरकार का निर्माण किया उन लोगों की भागीदारी सत्ता में होना चाहिए। हमारी जवाबदेही जनता के प्रति है, अगर कोई कमी रहती है तो उसमें संशोधन कराना हमारी जिम्मेदारी हैै
पायलट ने कहा कि हम सब ने होटल में रहने से लेकर वकीलों की फीस तक स्वयं दी है लेकिन हमारे बारे में इस तरीके का माहौल बनाया गया। ये कोई राजद्रोह में आता है क्या, जिहोंने आंदोलन किया उन्हें सत्ता में भागीदारी मिले। हमारी निष्ठा पर शक करने वाले जो लोग हैं उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा
उन्होंने कहा कि मैंने आलाकमान से कोई मांग नहीं की हमारे साथियों ने जो मुद्दे उठाए वह आलाकमान के समक्ष रखे। राजस्थान की मिट्टी के साथ मेरा रिश्ता है और वह अटूट रहेगा। पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया, केंद्र में जिम्मेदारी दी। राज्य में जिम्मेदारी दी और पूरी निष्ठा के साथ मैंने उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाया।

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