1. कई बार देखा गया है लोग अपने पार्टनर के बारे में अपनी सहेलियों, दोस्तों या रिश्तेदारों को बताने लगते हैं। जब आप उनकी बुराइयां लोगों को बताएंगे तो उनके बारे में बुरा ही सुनने को मिलेगा। जिससे बहुत बार आपके सोचने का तरीका नकारात्मक हो जाता है और इन सबकी वजह से लड़ाई-झगड़े शुरू हो जाते हैं।
3. अगर कोई एक झगड़े के मूड में है तो दूसरे को चुप हो जाना चाहिए। इसी में भलाई है लेकिन अगर ये मौन बहुत लंबा न खीचें। अगर एक-दूसरे से बात करना ही छोड़ देंगे तो फिर रिश्ते में दरार पड़ना स्वाभाविक है।
4. किसी को भी अपने माता-पिता की बुराई करना पसंद नहीं है। अगर रिश्ते में खटास नहीं पैदा करनी है तो जरूरी है कि एक-दूसरे के अभिभावकों के प्रति सम्मान की भावना रखें।
5. जीवनसाथी की तुलना किसी दूसरे के जीवनसाथी से न करें। हर इंसान की अपनी खूबियां होती हैं। हो सकता है दूर से जिस इंसान का स्वभाव अच्छा लग रहा है वो वैसा न हो। इसलिए अपने पार्टनर की तुलना किसी अन्य से करें।


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