यह यान फरवरी में केप केनवेरल से रवाना हुआ था। इसने जब तस्वीरें लीं तो उस समय यह सूर्य से लगभग 7 करोड़ 70 लाख किलोमीटर की दूरी पर यानी कि धरती और सूरज के बीच लगभग आधे रास्ते में था।
नासा का पार्कर सोलर प्रोब सौर ऑर्बिटर की तुलना में सूरज के बहुत करीब उड़ रहा है - कैमरों के लिए सूरज की सुरक्षित रूप से तस्वीर लेने के लिए भी करीब। इसका अकेला कैमरा सौर हवा का निरीक्षण करने के लिए सूर्य के विपरीत दिशा में देख रहा है। यही कारण है कि सोलर ऑर्बिटर की नई तस्वीरों में पीले और गहरे धुएं के रंग की लहरों को दिखाया गया है।
यान द्वारा ली गईं सूर्य की इन तस्वीरों में हर जगह छोटी-छोटी अनगिनत आग की लपटें उठती दिखाई देती हैं। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के परियोजना वैज्ञानिक डेनियल मुलर ने कहा कि टीम ने आग की इन लपटों को ‘‘कैम्फायर्स’’ नाम दिया है।




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