1. सबसे पहली बात हम वो बताएँगे, जो सभी जानते हैं आलू में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता हैं, अगर आपका शरीर दुबला-पतला हैं तो आलू आपके लिए खजाना हैं।
2. बेरी-बेरी का सरलतम् सीधा-सादा अर्थ है-”चल नहीं सकता” इस रोग से जंघागत नाड़ियों में कमजोरी का लक्षण विशेष रूप से होता है। आलू पीसकर या दबाकर रस निकालें, एक चम्मच की मात्रा के हिसाब से प्रतिदिन चार बार पिलाएं। कच्चे आलू को चबाकर रस निगलने से भी यह लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
3. कच्चा आलू साफ-स्वच्छ पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम आंख में काजल की भांति लगाने से पांच से छ: वर्ष पुराना जाला और चार वर्ष तक का फूला तीन महीने में साफ हो जाता है।
4. आलू में मैग्नीशियम होता हैं, जो हमारे रक्तचाप को सामान्य रखता हैं, इसीलिए आलू जरूर खाना चाहिए।
5. आलू का रस दूध पीते बच्चों और बड़े बच्चों को पिलाने से वे मोटे-ताजे हो जाते हैं। आलू के रस में मधु मिलाकर भी पिला सकते हैं।



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