ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्भवती महिलाएं इन अशुभ संकेत को ना करें नजरअंदाज


हर माता पिता की इच्छा होती है कि उसकी होने वाली संतान गुणी, संस्कारी, बलवान, आरोग्यवान और दीर्घायु हो। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई संस्कारों के बारे में बताया गया है।  जिनमें से पहला संस्कार गर्भधान का माना जाता है। ज्योतिष में गर्भवस्था के दौरान कुछ उपाय बताए गए है जिसका ध्यान रखने पर पैदा होने वाली संतान गुणी और संस्कारी होती है।

गर्भवती महिला जरूर करें ये काम
1. गर्भवती महिला के कमरे में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की फोटो या मूर्ति जरूर रखनी चाहिए। गर्भवस्था के दौरान कमरे में बाल गोपाल की फोटो बार-बार देखने से गर्भवती महिला का मन प्रसन्न रहता है और बच्चा भी सुंदर होता है।

2. गर्भावस्था के दौरान बच्चे को नकारात्मक शक्तियों से बचाने के लिए कमरे में मोर पंख रखना शुभ माना जाता है।


3. नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए गर्भवस्था के दौरान पूरे घर पर पीले चावलों से छिड़काव करना चाहिए। ज्योतिष में पीले चावल को मंगल का सूचक माना जाता है, ऐसे करने से बच्चे और मां पर नकारात्मक शक्तियों का असर नहीं होता है।

4. गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के कमरे में सफेद और हल्के रंगों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। सफेद रंग को सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। हल्के रंगों से गर्भवती महिला के मन और सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे सेहतमंद बच्चे का जन्म होता है।

5. ऐसी मान्यता है कि गर्भावस्था के दौरान नकारात्मक शक्तियां सबसे ज्यादा मां और बच्चे की ओर आकर्षित होती है इसलिए तांबे या लोहे की चीजें पास में रखनी चाहिए।

गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करे ये काम
1. ज्योतिष के अनुसार गर्भावस्था के दौरान नौ महीने तक पति-पत्नी दोनों को ही दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोना चाहिए। दक्षिण दिशा में पैर रख कर सोने से अशुभ होता है।


2. गर्भवती महिला के कमरे में पितरों की फोटो नहीं होनी चाहिए।

3. कमरे में कोई भी हिंसक तस्वीर भी नहीं होनी चाहिए। जैसे महाभारत या जंगली जानवर की फोटो।

4. गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने बालों को खुला नहीं रखना चाहिए खास तौर पर सोते समय।

5. गर्भावस्था के दौरान जिस कमरे में महिला सोती है उसके बेड़ के नीचे टूटी फटी और पुरानी चीजें जमा नहीं होनी चाहिए।

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