द्विदलीय सीआरएस द्वारा अमेरिकी सांसदों के लिए तैयार की गई रिपोर्ट बताती है कि क्रिकेट के सुरपस्टार, धनाढ्य रसिक और परोपकारी रहे खान विगत में अमेरिका के प्रबल आलोचक रहे हैं और कुछ लोग उनको इस्लामी आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले के रूप में मानते हैं।
वर्ष 2018 के चुनाव में खान को जीत मिली और दो परिवारों के विरासत वाले दलों- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिक लीग नवाज की सत्ता का अंत हो गया है। इस पर रिपोर्ट में कहा गया है कि अनेक विश्लेषकों का तर्क है कि पाकिस्तान की सुरक्षा सेवा चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से देश की घरेलू राजनीति को अपने अनुसार चला रहा थी और मुख्य इरादा नवाज शरीफ को सत्ता से हटाना और सत्ताधारी पार्टी को कमजोर करना था।
रिपोर्ट के अनुसार, "तथाकथित सेना-न्यायापालिक की सांठगांठ का कथित तौर पर खान के पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का समर्थन मिला।"

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