पाकिस्‍तान बार-बार बदल रहा हैं गिरगिट की तरह रंग, भारत से बातचीत के लिए रखी यह शर्त


इस्‍लामाबाद, वैश्विक दबाव के चलते भारत को परमाणु युद्ध की धमकी देने वाले पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों के सुर बदलने लगे हैं। हालांकि, वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि उनका मुल्‍क भारत के साथ 'सशर्त' द्विपक्षीय' बातचीत करने को तैयार है। सनद रहे यह वही कुरैशी हैं जिन्‍होंने कहा था कि पाकिस्‍तानी फौज और उनका मुल्‍क भारत से मुकाबला करने के लिए तैयार है। 


पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा, 'हमने कभी भी भारत के साथ बातचीत से इनकार नहीं किया। पाकिस्‍तान अभी भी भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन भारत ही बातचीत का माहौल नहीं बना रही है।' इतनी बात कहने के बाद कुरैशी ने अपना रुख बदल लिया। उन्‍होंने पाकिस्‍तान की असली चेहरा सामने लाते हुए कश्‍मीर का राग अलापना शुरू कर दिया। उन्‍होंने कहा कि इस मसले पर यदि कोई तीसरा मुल्‍क मध्‍यस्‍थता करे तो उन्‍हें खुशी होगी। यही नहीं कुरैशी ने बातचीत की शर्त रखते हुए कहा कि इसके लिए भारत को कश्‍मीर में नजरबंद अलगाववादी नेताओं को रिहा करना होगा।


भारत सरकार द्वारा अनुच्‍छेद-370 को खत्‍म करने के बाद पाकिस्‍तान के हुक्‍मरानों में भारी बेचैनी है। पहले तो उन्‍होंने इस मसले को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की कोशिश की लेकिन जब उन्‍हें वहां से भी मायूसी मिली तो युद्ध की धमकियां देने लगे। अभी पिछले सोमवार को ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने गीदड़ भभकी देते हुए कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए, दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। परमाणु युद्ध में कोई विजेता नहीं होगा। ये न सिर्फ इस क्षेत्र में कहर बरपाएगा बल्कि पूरी दुनिया को इसके परिणाम भुगतने होंगे। 


 पाकिस्‍तान एक ओर भारत में आतं‍कियों की घुसपैठ कराने के लिए सीमा पर लगातार सीज फायर तोड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर युद्ध की धमकियां देकर दुनिया का ध्‍यान भी खींचना चाहता है। हालांकि, इन सबके बावजूद दुनिया सारे बड़े मुल्‍कों ने उसकी कोशिशों को तरजीह नहीं दी है। उल्‍टे अमेरिका और रूस ने उसे क्षेत्र में संयम बरतने की नसीहत दी है। यही वजह है कि पाकिस्‍तान के हुक्‍मरान बार-बार गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। 

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