1. ट्रेन में महिलाओं के लिए रिजर्व बोगी में किसी भी पुरुष यात्री का घुसना अपराध है। अगर कोई महिला बोगी में घुसता है, तो उस पर जुर्माना लग सकता है। साथ ही टीटीई ऐसे पुरुष यात्री को बोगी से निकाल सकता है।
2. रेलवे एक्ट की धारा 156 के तहत ट्रेन की छत, सीढ़ियों, दरवाजों और इंजन में बैठकर यात्रा करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। साथ ही जुर्माना लगाया जा सकता है।
3. रेलवे एक्ट की धारा 167 के मुताबिक ट्रेन में स्मोकिंग करना जुर्म है। ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
4. अगर यात्रा के दौरान या यात्रा खत्म होने के बाद टीटीई टिकट दिखाने को कहता है, तो यात्री को टिकट दिखाना होगा। ऐसा नहीं करने पर उस यात्री के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
5. किसी को शराब पीकर या नशा करके ट्रेन में यात्रा करने और गाली-गलौज करने की इजाजत नहीं है। ऐसा करने वाले को ट्रेन से उतारने के साथ ही उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामले में 6 महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
6. रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत ट्रेन में फेरी लगाना या भीख मांगना भी जुर्म है। ऐसा करने वाले को एक साल की जेल की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भरना पड़ सकता है।
7. रेलवे की इजाजत के बिना किसी को भी ट्रेन का टिकट बेचने का हक नहीं है। अगर कोई टिकट बेचते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 142 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामले में तीन महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
8. ट्रेन में पत्थरबाजी करना संगीन अपराध है। ऐसा करने पर रेलवे एक्ट की धारा 150 के तहत 10 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
9. रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत ट्रेन में आगजनी करने या ट्रेन को नुकसान पहुंचाने पर 5 साल की जेल हो सकती है। साथ जुर्माना लगाया जा सकता है।
10. रेलवे एक्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति संक्रमण बीमारी से जूझ रहा है तो उसको ट्रेन में यात्रा करने के लिए रेलवे की विशेष इजाजत लेनी होगी। अगर ऐसा मरीज बिना इजाजत लिए यात्रा करता है, तो उसको ट्रेन से उतारा जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे मरीज के साथ यात्रा करने वाले सहयात्री को भी ट्रेन से उतारा जा सकता है। साथ ही उसका टिकट भी जब्त किया जा सकता है।






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