आचार्य सुशांत राज ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा पर 16 जुलाई को चंदग्रहण 1:32 मिनट पर शुरु होकर सुबह 4:30 तक रहेगा। ग्रहण की अवधि दो घंटे अठावन मिनट रहेगी। ग्रहण का सूतक काल 16 जुलाई शाम 4:26 से शुरु होकर सुबह 4:45 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक के समय को अशुभ मूहुर्त माना जाता है।
सूतक ग्रहण समाप्ति के बाद धर्म स्थलों को पवित्र किया जाता है। चंद्र ग्रहण के सूतक काल में मंदिर के पट बंद हो जाते है। इस समय पूजा पाठ करना अशुभ माना जाता है।

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