कांवड़ यात्रा पर भूलकर भी ना करें ये गलतियां, नहीं तो नाराज़ हो जायेंगे भोलेनाथ


अगर आप भी सावन के महीने में कांवड़ लेने जा रहे हैं तो आपको मुख्य रुप से कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर आप उन सावधानियों को नहीं बरतते हैं तो आपको काफी परेशानी हो सकती है। सावन के महीने में माना जाता है कि भगवान शिव का जलाभिषेक करने से शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूरा करते हैं। इसलिए शिव भक्त गंगाजल लाकर उससे शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। बात दें कि भक्तों का ये सफर नंगे पांव होता है। 

1. कांवड़ यात्रा शुरू करते ही कावड़ियों के लिए किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित होता है।

2. यात्रा पूरी होने तक उस व्यक्ति को मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करना होता है।

3. स्नान करने के बाद ही कांवड को हाथ लगाएं।

4. कांवड़ियों को ध्यान रखना चाहिए कि वो चमड़े की किसी वस्तु का स्पर्श ना करें।

5. कांवड़ लाने में वो वाहन का प्रयोग ना करें।

6. इसके साथ ही कांवड को वृक्ष या पौधे के नीचे ना रखें।

इसके साथ ही जो लोग कांवड़ लेने जाते हैं वो पूरे रास्ते भर बोल बम और जय शिव-शंकर का उच्चारण करने हैं तो उनके लिए वो फलदायी होता है। कहा जाता है कि शिव भक्त अगर पूरे आस्था और नियमों को ध्यान में रखकर कांवड लाते हैं तो भगवान शिव उनकी हर इच्छा को पूरा करता है।

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