हम अक्सर बंदर को देखकर उसे भगाने में उससे आंखें मिलाकर उसे उसके अंदाज में देखने लगते हैं। ऐसा कभी भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर आपने आंख में आंख मिलाकर देखा तो वह 100 फीसदी हमला कर देगा। इसी लिए देश व शहर में अधिकतर ऐसे केस सामने आते हैं कि बंदर ने हमला कर दिया।
किसी तालाब, नदी किनारे यदि मगरमच्छ पकड़ ले तो उसकी आंख पर तेज हमला करें। इससे उसकी पकड़ कमजोर हो जाएगी और आसानी से बचा जा सकता है। मगरमच्छ के गले में फ्लैप होता है। यदि उसने किसी का हाथ जबड़ों में फंसा लिया हो तो प्रयास करें कि गले के अंदर हाथ से जबड़े की झिल्ली पकड़ने का प्रयास करते रहें। उसे इतना दर्द होगा कि कराह उठेगा और निश्चित ही छोड़ देगा।
इन दिनों कानपुर चिड़ियाघर में मथुरा वेटनरी यूनिवर्सिटी के 40 छात्र-छात्राएं वन्य जीवों के स्वभाव, मानव को लेकर उनकी प्रवृत्ति, बचाव के तरीके की ट्रेनिंग ले रहे हैं। डॉ. आरके सिंह का कहना है कि हर जानवर की अलग-अलग प्रवृति होती है पर एक बात समान है कि जंगली जीव इनसान से छह गुना अधिक डरपोक होते हैं। आपात स्थिति में व्यक्ति थोड़ी हिम्मत और धैर्य रखे तो हिंसक पशुओं से आसानी से बच सकता है।
उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान बताया की हाथी हमला करे तो ऊंचाई पर न जाएं और न ही पेड़ पर चढ़ें। हो सके तो तेजी से ढलान की ओर भागें, क्योंकि ढलान पर हाथी संतुलन नहीं बना पाता है। वहीं सांपों के इलाकों में लकड़ी का टुकड़ा जमीन पर ठोंकते चलें तो सांप भाग जाएंगे।




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