समाज में एक ऐसी धारणा बनी हुई है कि खाना बनाने का काम सिर्फ युवतियां ही कर सकती हैं, जबकि ऐसा नहीं है. बहुत से पुरुष ऐसे होते हैं, जिन्हे खाना खाने के साथ-साथ खाना बनाना भी काफी पसंद आता है। ऐसे लोग कई बार अपने पार्टनर को किचन में हेल्प भी करवाते हैं, लेकिन दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने वह इस चीज़ से बचते नज़र आते हैं। उनका मानना यह रहता है कि ऐसा कहने या करने से समाज में उनकी इमेज पर प्रभाव पड़ेगा।
एक बहुत पुरानी कहावत है जिसे युवाओं के साथ जोड़ा जाता है, वो है कि 'मर्द को दर्द नहीं होता' जो बिलकुल गलत है। लड़कों में भी इमोशंस होते हैं और आज के ज़माने में लड़के, लड़कियों से ज्यादा इमोशनल हो चुके। लेकिन अपने इस इमोशनल व्यवहार को लड़के कभी बयान नहीं करते।

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