इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी अपने ईमेल में कहा है कि विभाग कभी भी करदाताओं से उनके डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पिन, ओटीपी, पासवर्ड जैसी कोई जानकारी नहीं मांगता। साथ ही टैक्स रिफंड के लिए बैंक खाते की जानकारी भी विभाग को नहीं चाहिए होती है। इसलिए ऐसे किसी मैसेज पर ध्यान न दें। इनकम टैक्स का कहना है कि विभाग के पास पहले से करदाता की पूरी डिटेल होती है। ऐसे में उन्हें एसएमएस के जरिए कोई डिटेल की जरूरत नहीं होती।
इनकम टैक्स विभाग ने कहा है कि इस तरह के फ्रॉड फिशिंग ई-मेल या एसएमएस के जरिए होते हैं, जिसमें कोई लिंक दिया गया हो। इनकी पहचान काफी आसान है। बस ध्यान से देखने की जरूरत है। इनकम टैक्स विभाग ने कहा है कि जिस आईडी से ई-मेल आता है, उसे ध्यान से देखें। ई-मेल आईडी की या तो स्पेलिंग गलत होगी या फिर डिपार्टमेंट की वेबसाइट से मिलता-जुलता कोई नाम हो सकता है।

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