बच्चों में इस तरह शुरू होती है हकलाने की प्रॉब्लम, जानिए क्या है इसका सॉल्यूशन


स्टैमरिंग यानी हकलाना एक सामान्य समस्या है। अधिकतर ये समस्या बच्चों में देखी जाती है जोकि उम्र के साथ-साथ बढ़ती है। हकलाने की वजह से लोगों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। उन्हें दूसरों को अपनी बात समझाने में कई दिक्कतें आती है। हालंकि ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है। अगर समय रहते इसका इलाज किया जाए तो इस समस्या से आप छुटकारा पा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे हकलाने की वजह और उसके समाधान के बारे में।

हकलाने की वजह
हकलाहट यानी स्टैमरिंग अधिकतर तीन से पांच साल की उम्र में बच्चों के अंदर शुरू हो जाती है। यह कठिनाई आम तौर पर तब होती है जब आप बी,डी,जी और टी से जुड़े शब्दों का उच्चारण करते हैं। हकलाने से जुड़े लक्ष्ण भी हैं जैसे चेहरे का लाल हो जाना, बोलते समय आंखों का बार-बार झपकना, जबड़ों का ज्यादा हिलना आदि शामिल है।

ये समस्या ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलती है। यह तीन से सात साल के उम्र के बीच होती है। लेकिन ये समस्या चिंता का विषय तब बन जाती है जब 10 साल की उम्र तक भी बच्चा बोलने में हकलाता है। वहीं एक स्टडी में पाया गया है कि लड़कियों के मुकाबले लड़कों में यह समस्या 5 गुना ज्यादा होती है। बच्चे की भाषा पर अच्छी पकड़ न होना, बहुत ज्यादा भावुक होना, डरना, मानसिक तनाव, एकाग्रता की कमी, असमंजस की स्थिति आदि जैसी चीजें हकलाने का कारण बनती है।

उपाय
आप इस समस्या को दवाईयों से नहीं बल्कि स्पीच थेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिक की मदद से ठीक कर सकते हैं, लेकिन जरूरत है सबसे पहले इस समस्या के पीछे का कारण जानने की। बच्चे के मन में किसी प्रकार का भय हो तो उसे दूर करने की कोशिश करें। साथ ही बच्चे के मन में आत्मविश्वास पैदा करें और उसके दिमाग से इस बात को दूर करने की कोशिश करें कि उसके अंदर किसी प्रकार का कोई दोष नहीं है। बच्चे को जितना हो सके उतना खुश रखें।

स्पीच थेरेपिस्ट बच्चों से उन्हीं शब्दों या अक्षरों को बार-बार बुलवाते हैं जिसे बोलने में बच्चे को परेशानी होती है। लगातार प्रेक्टिस करने से ये परेशानी आसानी से दूर की जा सकती है।

जानिए घरेलू उपचार
हालंकि कोई विशेष खाद्य पदार्थ नहीं है जो आपके हकलाने की समस्या को दूर कर सकें। लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ का सहारा लेकर आप इस समस्या को कम कर सकते हैं।

-हरा धनिया और अमलतास के गूदे को पानी में पीस कर उसी पानी से 21 दिन तक लगातार कुल्ला करने से जीभ पतली हो जाती है और आपकी बार-बार हकलाने की समस्या दूर हो जाती है।

-सुबह मक्खन में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से कुछ ही दिनों में हकलाना बंद हो जाता है।

-गाय का घी खाने से भी हकलाने की समस्या को दूर किया जा सकता है।

-रोज भीगे हुए बादाम को मक्खन के साथ खाने से आप हकलाने की समस्या से निजात पा सकते है।

-गुनगुने ब्राहमी तेल से 30 मिनट तक सिर की मालिश करें और फिर गुनगुने पानी से नहा लें। ऐसा करने से जल्द ही आपके हकलाने की समस्या दूर हो सकती है।

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