शावर कैप रखें साफ
यूनिवर्सिटी ऑफ कोलाराडो के एक रिसर्च के अनुसार बहुत समय तक एक ही शावर कैप इस्तेमाल करने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च के अनुसार शावर कैप कीटाणुओं के लिए सबसे ज्यादा छिपने वाली जगह है और सफाई न होने पर या पुराना हो जाने पर संक्रमण का रिस्क और बढ़ा जाता है। जिसके कारण आपके सिर और शरीर पर एलर्जी जैसी कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
मैट का करें इस्तेमाल
साल 2011 में सामने आई सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की एक रिसर्च में पता चला है कि पिछले एक साल में बाथरूम में 2 लाख तीस हजार हादसे हुए हैं जिसमें 20 फीसदी दुर्घटनाएं शावर के बाद पैर फिसलने पर होती हैं। इसलिए नहाते वक्त मैट का इस्तेमाल करें जिससे कि आपके फिसलने का खतरा बिल्कुल कम हो जाएगा।
लूफा बदलते रहें
आजकल लोग लूफा से नहाना भी पसंद करते हैं, लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया था कि लूफा में कई तरह के बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही लोग लूफा से ज्यादा या जोर से स्किन को रगड़ लेते हैं जिससे त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और ड्राई होना शुरू हो जाती है।
ज्यादा देर ना लें शावर
लेते वक्त सभी लोगों को मजा आता है और लोग अपनी थकान मिटाने के लिए लंबे समय तक शॉवर के नीचे रहते हैं। लेकिन बता दें कि ज्यादा समय तक शावर के नीचे रहने से ना सिर्फ पानी की बर्बादी होती है जबकि आपकी स्किन अंदर से ड्राई होना शुरू हो जाती है। इसलिए कभी भी शावर के नीचे 10 मिनट से ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए।
अच्छे से करें साफ
शावर का इस्तेमाल सोने से ठीक पहले नहीं करना चाहिए। द अमेरिकन जर्नल ऑफ बायोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार यही माना गया है कि शावर आपकी नींद के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए सोने से ठीक पहले शावर नहीं लेना चाहिए। वहीं शावर लेते वक्त ये भी ध्यान रखें कि आपने शरीर पर लगाया साबुन अच्छे से साफ कर लिया है या नहीं, क्योंकि इससे स्किन की बीमारियां होने का डर बना रहता है।

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