- सिक्यॉरिटी गार्ड्स के पास दुश्मन की हरकत को भांपने का सबसे बढ़ा साधन होता है आंख। ये लोग इस तरह से प्रशिक्षित होते हैं कि आंख और शारीरिक भाषा पढ़ आपके अगले कदम को पहले ही पढ़ सकते हैं। दुश्मन ऐसा न कर सके, इसके लिए सुरक्षाकर्मी आंखों पर सनग्लास के पर्दे का सहारा लेते हैं।
- दरअसल, सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी के दौरान असल में कहां देख रहे हैं, इस बात को छुपाने के लिए सनग्लास का सहारा लेते हैं। उनकी नजर कहां और किस पर है, वे इस बात का अंदाजा किसी को नहीं लगने देना चाहते।
- दरअसल, सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी के दौरान असल में कहां देख रहे हैं, इस बात को छुपाने के लिए सनग्लास का सहारा लेते हैं। उनकी नजर कहां और किस पर है, वे इस बात का अंदाजा किसी को नहीं लगने देना चाहते।
- अगर आपके सामने अकस्मात कोई विस्फोट होता, झटका लगता है या फिर गोलियां चलने लगती हैं तो जाहिर तौर पर आपकी आंखें कुछ पल के लिए स्वाभाविक रूप से बंद होती हैं। इस वक्त में आम लोगों से इतर इन सुरक्षाकर्मियों को हर हालत में आंख खुली रखनी होती है और इसके लिए जरूरी होता है मनोवैज्ञानिक सपॉर्ट, जिसमें ये चश्मे मददगार साबित होते हैं।
- यह बहुत ही साधारण सी और स्पष्ट वजह है कि भगदड़ हो, धूल-धक्कड़ हो या फिर कैसी भी परिस्थिति। सुरक्षाकर्मियों के लिए अपनी आंख को स्वस्थ और साफ रखने के लिए सनग्लास का सहारा लेते हैं।
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