1. किसी भी पुरुष का यौन संबंध की इच्छा जाहिर करने से पहले अपनी पत्नी की मनोवृत्ति को समझने का प्रयास करना चाहिए। यदि पत्नी किसी कारणवश अप्रन्न है तो संबंध बनाने की इच्छा त्याग देनी चाहिए।
2. पत्नी के दुखी होने की स्थिति में पति को उसकी मनोदशा को जानने का प्रयास करना चाहिए और उसके दुख को बांटना चाहिए। पत्नी के मान जाने की स्थिति में ही यौन संबंध बनाने के बारे में सोचना चाहिए।
3. शास्त्रों में भी कहा गया है कि पत्नी के रजस्वला होने पर पति को उससे दूर रहने में ही दोनों का हित है। वैज्ञानिक तौर भी पति-पत्नी को ऐसे वक्त में यौन संबंध नहीं बनाने चाहिए। अन्यथा संक्रमण होने की पूरी आशंका रहती है।
4. पत्नी की इच्छा न होने पर यौन संबंध बनाना किसी पाप से कम नहीं है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप पत्नी की रजामंदी का इंतजार करें।
5. विष्णु पुराण के अनुसार, क्रोधित पत्नी से संबंध बनाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। ऐसा करने पर आपके संबंधों में कड़वाहट आ सकती है।
6. पत्नी के बीमार होने पर पति को चाहिए कि वो अपनी पत्नी का ध्यान रखे न कि उस पर यौन संबंध बनाने के लिए दवाब बनाए।
7. पत्नी यदि गर्भवती है तो पुरुषों को इसका सम्मान करना चाहिए। ऐसा करने पर दोनों के संबंध में और मधुरता आएगी।
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