अक्सर एक बच्चे में उसके मां और पिता दोनों के डीएनए होते हैं। आज तक तो ऐसा ही होता आया है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि एक बच्चे का जन्म थ्री पेरेंट टेक्नीक से हुआ है। पांच महीने के बच्चे में मां और पिता का डीएनए तो है ही साथ ही एक तीसरे शख्स का भी है। बच्चे के शरीर में डोनर का जेनेटिक कोड भी है।
थ्री पर्सन फर्टिलिटी टेक्नीक:
इस टेक्नीक की काफी आलोचना भी हो रही है। इस प्रयोग की समीक्षा करने वाले कुछ लोगों को मानना है कि ये नेचर से खिलवाड़ करने जैसा है। मेक्सिको में हुआ ये प्रयोग इस तरह का दुनिया का पहला प्रयोग है। उनका कहना है कि बहुत से मामले होते हैं जिसमें कई बार महिलाओं को कुछ खास किस्म की जेनेटिक बीमारियां होती हैं। ऐसे में इस प्रयोग से वो भी एक स्वस्थ बच्चे की मां बन सकती हैं।
जेनेटिक बिमारियों वाली महिला भी बन सकती है माँ:
बच्चे की मां को Leigh syndrome है। ये एक किस्म का डिस्ऑर्डर है, जो नर्वस सिस्टम पर डालता है और हो सकता था कि ये मॉइटोकॉन्ड्रियल डीएनए से आगे ट्रांसफर हो जाए। हालांकि वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं लेकिन उनके दो बच्चों की मौत अनुवांशिक बीमारी के चलते हो चुकी है।
क्या है थ्री पैरेंट बेबी:
न्यू यॉर्क में न्यू होप फर्टिलिटी क्लीनिक डॉक्टर जॉन झांग ने मां के अंडाणु से न्यूक्लियस लिया और उनके डीएनए को डोनर के अंडाणु में इंप्लांट किया, जिसकी वजह से न्यूक्लियस तो हट गए लेकिन डोनर के हेल्दी माइटटोकॉन्ड्रियल बरकरार रहे। माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए, कोशिकाओं को ताकत देने का काम करता है।



एक टिप्पणी भेजें