इस जानवर को नजदीक से देखने के बाद इस छात्र ने पाया कि बाड़े में जिस जानवर को जेब्रा बनाकर रखा गया है वो असल में एक गधा है। जानकारी के मुताबिक ‘इंटरनेशनल गार्डेन म्यूनिसिपल पार्क जू’ के ही एक कर्मचारी ने गधे को उजले और काले रंग के पेन्ट से रंगने के बाद उसके बालों को बड़ी ही करीने से काटकर उसे जेब्रा का रुप दिया है। लेकिन अत्यधिक गर्म मौसम की वजह से गधे पर लगा पेन्ट छूटने लगा। हैरानी की बात है कि जू प्रशासन ने इस बात से इनकार कर दिया है कि उन्होंने एक गधे की रंगाई-पुताई कर उसे जेब्रा बनाकर लोगों को दिखाने की कोशिश की है।
आपको बता दें कि इससे पहले मिस्र में ही ऐसा एक और भी मामला सामने आया था। साल 2009 में मिस्र के एक चिड़ियाघर में दो जेब्रा की मौत हो गई थी। उस वक्त कहा जा रहा था कि जो जेब्रा की मौत भूख की वजह से हुई है। लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन ने इस बात को छिपाने के लिए दो गधों को काले-उजले रंग से पेंट कर उन्हें जेब्रा के बाड़े में डाल दिया था। हालांकि बाद में जू प्रशासन की पोल-पट्टी खुल गई थी।



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