अक्सर लोग धन प्राप्ति के लिए कई उपाय करते है। लेकिन वास्तु का सही ज्ञान नहीं होने के कारण उनके सपने सपने ही रह जाते है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार देवी-देवता अपने निर्धारित यंत्रों में खुद निवास करते हैं, इसलिए यंत्रों को हर मनोकामना पूरी करने वाला माना जाता है। अगर घर के मंदिर या पूजा स्थल में यंत्रों को स्थापित करके उनकी पूजा-अर्चना की जाए तो मनचाहा फल पाया जा सकता है। भुवनेश्वरीक्रम चंडिका के अनुसार इस यंत्र के द्वारा आप भी धनवान बन सकते है। तो आइये जानते है इस खास यंत्र के बारे में.....
यह अकेला ऐसा यंत्र है, जो समस्त ब्रह्मांड का प्रतीक है। श्री शब्द का अर्थ लक्ष्मी, सरस्वती, शोभा, संपदा, विभूति से किया जाता है। यह यंत्र श्री विद्या से संबंध रखता है। श्री विद्या का अर्थ साधक को लक्ष्मी़, संपदा, विद्या आदि हर प्रकार की 'श्री' देने वाली विद्या को कहा जाता है।
श्रीयंत्र की पूजा अर्चना करने से धन की देवी की कृपा बनी रहती है। जिससे की धन संबंधी समस्याए दूर होती है। इस यंत्र की रोज़ाना पूजा करने से पुण्य भी प्राप्त होता है। श्रीयंत्र की पूजा से निर्धनता भी दूर होती है।

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