बतादें कि गरुड़ पुराण में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि, जो पत्नी अपने घर के जिम्मेदारी को समझती हैं, मधुर वाणी का प्रयोग करती हैं, घर का हर काम खुशी मन से करती है और पत्नी धर्म का पालन करती है असल में वहीं पत्नी कहलाने का हक रखती है, ऐसी पत्नी घर को स्वर्ग बना देती हैं।
गरुड़ पुराण में एक श्लोक के माध्यम इस इन बातो को समझाया गया है। “सा भार्या या गृहे दक्षा, सा भार्या या प्रियंवदा, सा भार्या या पतिप्राणा सा भार्या या पतिव्रता”। यानी की असल पत्नी वो है जो घर के काम में दक्ष्य है, प्रियवादिनी है, जिसके लिए पति ही प्रण हैं, और जो पति के प्रति निष्ठावान हैं। अगर हर मनुष्य इन बातो को समझ लें तो उनकी जीवन की अधिकांश परेशानियों का हल संभव है!



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