प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को रोजाना मछली के तेल का सेवन करना चाहिए। बच्चे के जन्म के कुछ महीनों बाद भी मछली के तेल का सेवन करने से बच्चे के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
इम्पीरियल कॉलेज ऑफ लंदन में किए गए एक शोध के मुताबिक, जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान मछली के तेल का सेवन करती हैं उनके बच्चों को अंडे से एलर्जी होने की सम्भावना 30 प्रतिशत कम हो जाती है। दरअसल मछली के तेल में ओमेगा-3 फैट होता है। जिसका बच्चे के पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शोध में पुष्टि की गई कि प्रेग्नेंसी के दौरान खान-पान का असर बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ता है। यूके के 20 में से एक बच्चे को खाद्य पदार्थों, अंडे और गेहूं जैसी चीजों से एलर्जी है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान मां का खान-पान पर ध्यान देना बच्चे की सेहत के लिए लाभदायक होता है।
बच्चों को खाने की जिन चीजों से एलर्जी होती है उसका सेवन करने पर उनके शरीर में दाने, सूजन या उल्टी जैसी समस्या हो जाती है। एलर्जी का कारण खाद्य पदार्थों का पेट में सही ढंग से पाचन ना पाना होता है।
इम्पीरियल कॉलेज ऑफ लंदन में किए गए एक शोध के मुताबिक, जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान मछली के तेल का सेवन करती हैं उनके बच्चों को अंडे से एलर्जी होने की सम्भावना 30 प्रतिशत कम हो जाती है। दरअसल मछली के तेल में ओमेगा-3 फैट होता है। जिसका बच्चे के पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शोध में पुष्टि की गई कि प्रेग्नेंसी के दौरान खान-पान का असर बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ता है। यूके के 20 में से एक बच्चे को खाद्य पदार्थों, अंडे और गेहूं जैसी चीजों से एलर्जी है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान मां का खान-पान पर ध्यान देना बच्चे की सेहत के लिए लाभदायक होता है।
बच्चों को खाने की जिन चीजों से एलर्जी होती है उसका सेवन करने पर उनके शरीर में दाने, सूजन या उल्टी जैसी समस्या हो जाती है। एलर्जी का कारण खाद्य पदार्थों का पेट में सही ढंग से पाचन ना पाना होता है।



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