तांबे की अंगूठी धार्मिक ही नहीं रोगों के निवारण में भी देती हैं लाभ


ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार, तांबे को सूर्य की धातु माना गया है और सभी धातुओं में सबसे शुद्ध मानी जाती है। तांबे की अंगूठी को उंगली में पहनने से व्‍यक्ति को अनेकों लाभ होते हैं। सूर्य से संबंधित सभी रोगों का निवारण होता है। कीमत में कम होने के कारण सभी वर्गों के लोग इस धातु को धारण कर सकते हैं...

1. तांबे की अंगूठी शरीर में खून को साफ करके उसके प्रवाह को सही करती है। तांबे की अंगूठी को पहनने से हृदय रोगों की आशंका कम हो जाती है।


2. मध्‍यमा उंगली में तांबे का छल्‍ला पहनने से मानिसक और शारीरिक तनाव में कमी आती है। साथ ही गुस्‍से पर भी नियंत्रण रहता है।

3. जिन जातकों को नाखुन और त्‍वचा संबंधी रोगों की शिकायत है, वे तांबे की अंगूठी को पहनकर इससे छुटकारा पा सकते हैं।


4. तांबे की अंगूठी पहनने से शरीर में आवश्‍यक ऊर्जा बनी रहती है और यह शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखने में मदद करती है।


5. जिन व्‍यक्तियों के शरीर में कॉपर की कमी होती हैं वे तांबे की अंगूठी या फिर तांबे का कड़ा पहनें तो यह त्‍वचा द्वारा अवशोषित होगा और यह कमी दूर हो जाएगी।

6. तांबे के गहने शरीर में आवश्‍यक अवयवों को बनाए रखने के साथ-साथ प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत करते हैं।

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