चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन पड़ने वाल हनुमान जयंती इस बार 31 मार्च 2018 (शनिवार) को है। इस बार हनुमान जयंती पर अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। हनुमान जयंती पर इस बार 9 सालों बाद ऐसा शुभ संयोग बन रहा है जब शनिवार के दिन हनुमान जयंती है। हनुमान जयंती पर इस बार ऐसा अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है जब कुछ उपायों से शनि के कुप्रभाव से मुक्ति पाया जा सकता है। अगली स्लाइड्स में जानिए शनि के कुप्रभाव से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जयंती के दिन किए जाने वाले खास उपाय क्या हैं.....
अगर आप पर शनि की क्रूर दृष्टि है तो हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन काली उड़द और कोयले की एक पोटली बनाएं। इसमें एक रुपए का सिक्का रखें। फिर इस पोटली को अपने माथे पर तीन बार घुमाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें।
हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान अष्टक का 11 बार पाठ करें। ऐसा करने से शनि-दोष का प्रभाव कम हो सकता है। हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें। पूजा घर में या फिर शांत एवं एकांत कमरे में पूर्व दिशा की ओर मुख करके लाल आसन पर बैठें। फिर शनि देव का यह मंत्र 'ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीतये' का एक माला जाप करें। ऐसा करने से शनि की बुरी दृष्टि से राहत मिलेगी।
हनुमान जयंती के दिन स्नान करने के बाद अपने सामने चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित करें। चित्र के सामने तांबे की प्लेट में लाल रंग के फूल का आसन देकर श्री हनुमान यंत्र को स्थापित करें। यंत्र पर सिंदूर से टीका करें और लाल फूल चढ़ाएं। मूर्ति तथा यंत्र पर सिंदूर लगाने के बाद धूप, दीप, चावल, फूल व प्रसाद आदि से पूजन करें। ऐसा करने से हनुमान जी खुश होते हैं और शनि की बुरी नजर से बचाते हैं।
अगर आप पर शनि की क्रूर दृष्टि है तो हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन काली उड़द और कोयले की एक पोटली बनाएं। इसमें एक रुपए का सिक्का रखें। फिर इस पोटली को अपने माथे पर तीन बार घुमाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें।
हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान अष्टक का 11 बार पाठ करें। ऐसा करने से शनि-दोष का प्रभाव कम हो सकता है। हनुमान जयंती (शनिवार) के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें। पूजा घर में या फिर शांत एवं एकांत कमरे में पूर्व दिशा की ओर मुख करके लाल आसन पर बैठें। फिर शनि देव का यह मंत्र 'ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीतये' का एक माला जाप करें। ऐसा करने से शनि की बुरी दृष्टि से राहत मिलेगी।
हनुमान जयंती के दिन स्नान करने के बाद अपने सामने चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित करें। चित्र के सामने तांबे की प्लेट में लाल रंग के फूल का आसन देकर श्री हनुमान यंत्र को स्थापित करें। यंत्र पर सिंदूर से टीका करें और लाल फूल चढ़ाएं। मूर्ति तथा यंत्र पर सिंदूर लगाने के बाद धूप, दीप, चावल, फूल व प्रसाद आदि से पूजन करें। ऐसा करने से हनुमान जी खुश होते हैं और शनि की बुरी नजर से बचाते हैं।



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