आपका कुछ चटपटा और कुछ तीखा और कुछ स्पाइसी खाने की चाहत लंबे समय के लिए बीमार कर सकती है। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि जवानी में बाहर का खाना खाने की चाहत का खामियाजा ताउम्र भुगतना पड़ सकता है।
यूरोपियन इटिंग डिसऑर्डर में छपी एक स्टडी में बताया गया कि ज्यादा वजन, मोटी कमर और कम शारीरिक क्रिया सेहत को आगे चलकर प्रभावित करते हैं। फिनलैंड में हेलसिंकी विश्वविद्यालय में शोधकर्ता, उला कार्काइनेन ने बताया कि, अस्वस्थ भोजन शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए लंबे समय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
कार्काइनेन ने कहा, पिछले रिसर्च में यह जाना गया था कि मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में कमी और स्वास्थ्य का खराब आत्म मूल्यांकन शारीरिक बीमारी और मृत्यु दर को बढ़ाता है। इस नकारात्कम प्रभाव को कम करने के लिए हमें अव्यवहारित खाने के पीड़ितों को पहचानना चाहिए।
रिसर्चर्स ने इस स्टजी के लिए 4900 लोगों पर अध्ययन किया और उनके खाने की आदतों, भार, सेहत पर आंकलन किया। पाया कि जिन लोगों ने बाहरी भोजन का सेवन ज्यादा किया उनकी सेहत में अगले दस साल बाद काफी गिरावट देखी गई।
यूरोपियन इटिंग डिसऑर्डर में छपी एक स्टडी में बताया गया कि ज्यादा वजन, मोटी कमर और कम शारीरिक क्रिया सेहत को आगे चलकर प्रभावित करते हैं। फिनलैंड में हेलसिंकी विश्वविद्यालय में शोधकर्ता, उला कार्काइनेन ने बताया कि, अस्वस्थ भोजन शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए लंबे समय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
कार्काइनेन ने कहा, पिछले रिसर्च में यह जाना गया था कि मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में कमी और स्वास्थ्य का खराब आत्म मूल्यांकन शारीरिक बीमारी और मृत्यु दर को बढ़ाता है। इस नकारात्कम प्रभाव को कम करने के लिए हमें अव्यवहारित खाने के पीड़ितों को पहचानना चाहिए।
रिसर्चर्स ने इस स्टजी के लिए 4900 लोगों पर अध्ययन किया और उनके खाने की आदतों, भार, सेहत पर आंकलन किया। पाया कि जिन लोगों ने बाहरी भोजन का सेवन ज्यादा किया उनकी सेहत में अगले दस साल बाद काफी गिरावट देखी गई।



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