भरतपुर के मलाहा गांव की एक महिला ने बताया था कि जब वह 10-11 साल की थी तो पिता ने उसे एक बिजनेसमैन के पास भेज दिया था। परिवार को महिला की वर्जिनिटी खोने के बदले करीब 10 हजार रुपए दिए गए थे। महिला ने यह भी बताया कि आज 20 साल बाद भी यहां की किसी लड़की के लिए सबसे अधिक कमाई 10 हजार रुपए ही होती है।एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ साल पहले तक एक सौ से अधिक बेदिया सेक्स वर्कर मलाहा गांव में रहतीं थीं। ये महिलाएं मेकअप करके सड़क से कुछ दूरी पर ग्राहकों का इंतजार करती हैं।
हालांकि, कई लोगों का कहना है कि यहां लड़कियों को जबरन सेक्स वर्क करना पड़ता है। लेकिन कम्युनिटी के पुरुष ये कहते हैं कि यहां की हर लड़कियों से पूछा गया था कि धंधा करोगी या शादी? बेदिया कम्युनिटी में जो बाहरी महिलाएं बहू बनकर आती हैं वे सेक्स वर्क में शामिल नहीं होतीं। उनका काम घर की देखभाल करना और बच्चों की परवरिश होती है।



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