कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या होता हैं फर्क?

दिल की बीमारी में सामान्य रूप से मौत दो कारणों से होती है। पहला हार्ट अटैक और दूसरा कार्डिएक अरेस्ट। कुछ लोग इन दोनों में फर्क नहीं समझ पाते हैं। कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में फर्क है।


- हार्ट मसल्स में जब ब्लड की सप्लाई किसी कारण से डिस्टर्ब हो जाती है या फिर प्रभावित हो जाती है तो हार्ट अटैक पड़ता है। इस स्थिति में दिल शरीर के दूसरे हिस्सों को ब्लड सप्लाई करता रहता है।


- कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक ही शरीर में ब्लड पंप करना बंद कर देता है। ऐसे में वह शख्स अचानक से बेहोश हो जाता है। या तो वह सांस लेना बंद कर देता है या फिर नॉर्मल तरीके से सांस ले नहीं पाता। मेडिकल के शब्दों में इसे इलेक्ट्रिक कंडक्टिंग सिस्टम का फेल होना कहा जाता है।


हालांकि अगर 10 मिनट के अंदर मेडिकल सुविधा मिल जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है। इसमें दिल और सांस रुक जाने के बावजूद दिमाग जिंदा होता है। जिस शख्स को पहले हार्ट अटैक पड़ चुका है, उसे कार्डिएक अरेस्ट होने की आशंका बहुत अधिक होती है।

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